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भाई के लंड से चुदवाकर खूब मजा लिया

प्रेषक : समिता …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समिता है, में पंजाब की रहने वाली पंजाबी लड़की हूँ, में 23 साल की हूँ, मेरा फिगर साईज 36-28-34 है। आज में आपको मेरी अपनी पहली कहानी सुना रही हूँ। वैसे में चोदन डॉट कॉम पर पिछले 1 साल से स्टोरी पढ़ रही हूँ और में हैरान होती थी कि कैसे कोई लड़की अपने किसी रिश्तेदार के साथ सेक्स कर सकती है? लेकिन आज में समझ चुकी हूँ कि यह किसी के साथ भी हो सकता है। यही मेरी कहानी है, जो आज से 6 महीने पहले मेरे और मेरे मामा के लड़के के बीच में हुई थी। अब पहले में थोड़ा अपने और अपनी फेमिली के बारे में बता दूँ। मेरी फेमिली में मेरे मम्मी पापा के अलावा मेरा एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन भी है। मेरी बड़ी बहन की उम्र 25 साल है, उसका फिगर साईज भी 36-28-34 है, हम दोनों ही बहुत सेक्सी है, रंग गोरा और हमारे बड़े-बड़े बड़े बूब्स किसी के भी मुँह में पानी ला सकते है।

यह बात दिसम्बर 2007 की है। मेरे मामा का बेटा जिसकी उम्र 18 साल है, हमारे घर पर आया हुआ था, वो बहुत ही मोटा है, वो बहुत स्मार्ट और मजाकिया किस्म का लड़का है। हम सभी उसको बहुत पसंद करते है। मैंने आज तक कभी भी उसके बारे में गलत नहीं सोचा था, लेकिन उस रात मेरी सोच उसके लिए बिल्कुल बदल गई थी। अब हम दोनों रात को एक ही कमरे में सोए हुए थे, क्योंकि रात को वो मेरे पास पढ़ रहा था, तो वो मेरे रूम में ही सो गया था। फिर करीब रात को 1 बजे मेरी आँख खुल गई। अब मुझे कुछ आ की आवाज आई थी। फिर मैंने लेटे-लेटे ही राजेश की तरफ़ देखा तो वो पीठ के बल लेटा हुआ था और उसकी आँखे बंद थी और वो अपने एक हाथ से अपने निपल्स सहला रहा था।

अब में यह देखकर हैरान रह गई थी कि आख़िर ये कर क्या रहा है? लेकिन जल्दी ही सब समझ गई कि वो मुठ मार रहा था, क्योंकि उसने अपने दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़ा हुआ था और वो उसको तेज-तेज हिला रहा था। अब यह नज़ारा देखकर तो जैसे मेरी एक साँस ऊपर और एक नीचे ही रह गई थी। फिर जब मैंने ध्यान से सुना तो और भी हैरान और शर्म से लाल हो गई, क्योंकि वो मेरा ही नाम ले रहा था, शायद मेरे बारे में सोचकर मुठ मार रहा था। अब मेरी धड़कन तेज हो गई थी, यह सोचकर कि मेरा अपना मामा का बेटा मेरे बारे में क्या-क्या सोच रहा है? अब में यह सोचकर गर्म होने लगी थी कि कैसे ख्यालो में ही सही यह मेरे बूब्स को दबा रहा होगा, चूस रहा होगा? शायद मेरी चूत भी मार रहा होगा? फिर एकदम से मेरे दिमाग में चोदन डॉट कॉम की स्टोरी का ख्याल आया कि कैसे बहनें अपने ही भाईयों से चुदवा रही है? तो यह सोचकर में और भी सेक्स की आग में जलने लगी और फिर पता नहीं कब मेरा एक हाथ मेरे लेफ्ट बूब्स पर चला गया? और राईट हाथ मेरी लोवर में मेरी चूत पर था। अब मेरी चूत गीली हो गई थी और अब में अपने बूब्स को बेहताशा दबा रही थी और चूची को मसल रही थी। अब में भी मेरे दिमाग में राजेश के बारे में सोचने लगी थी। अब मेरी आँखे बंद हो गई थी। फिर थोड़ी ही देर में में एकदम से चोंक गई, जब मैंने एक हाथ अपने राईट बूब्स पर महसूस किया। तब मैंने अपनी आँखे खोली तो मैंने देखा कि राजेश मेरे पास बैठा था और अब वो मेरी तरफ ही देख रहा था। फिर उसने मेरे बूब्स को सहलाते हुए मुझसे पूछा कि दीदी क्या कर रही हो? तो में पहले तो शर्मा गई और फिर कहा कि वही जो तुम कर रहे थे। तब वो बोला कि में कोई मदद करूँ। तो में चुप हो गई। फिर मुझे चुप देखकर वो मेरे और पास आ गया और मेरे साथ लेट गया। तब मैंने कहा कि भाई क्या तुम मेरे बारे में सोचकर यह सब कर रहे थे? तो उसने कहा कि क्या कर रहा था? तो तब मैंने शरमाते हुए कहा कि मुठ मार रहे थे। फिर तब उसने कहा कि हाँ दीदी आप बहुत सुंदर हो, बहुत सेक्सी हो, में जब भी आपको देखता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है, आपके बूब्स देखकर मन करता है कि बस पकड़कर दबा डालूं और इनको चूस-चूसकर लाल कर दूँ।

अब उसकी ऐसी बातें सुनकर में तो जैसे पागल हो गई थी। फिर में एकदम से उसके साथ लिपट गई और उसके ऊपर चढ़कर उसके चेहरे पर किस की बारिश कर दी। अब वो भी जैसे पागल हो गया था और मेरे दोनों बूब्स को पकड़कर दबाने लगा था और मेरे चेहरे पर और गालों पर किस करने लगा था। अब में उसके साथ लिपटी जा रही थी और वो मेरे साथ लिपटा जा रहा था। फिर हम दोनों के होंठ मिले तो होंठ मिलते ही में कांप गई। अब वो बहुत ही प्यार से मेरे होंठ चूसने लगा था। अब हम दोनों कभी में उसके ऊपर तो कभी वो मेरे ऊपर आ जाता था और फिर हम एक दूसरे के होंठ चूसते रहे और एक दूसरे के जिस्म सहलाते रहे। फिर वो कभी मेरी पीठ सहलाता तो कभी मेरी गांड को दबाता और कभी मेरी गांड की दरार में उंगली से सहलाता। अब वो तो मुझे पागल ही कर रहा था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।


फिर किस करते हुए मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली तो उसने झट से अपना मुँह खोल दिया और मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी। अब हम दोनों की जीभ आपस में लड़ने लगी थी। फिर तकरीबन आधे घंटे तक हम लोग ऐसे ही किस करते रहे। फिर वो मेरी टी-शर्ट जो में रात को पहनती हूँ, उसे उतारने लगा, में रात को ब्रा नहीं पहनती हूँ, तो मेरी टी-शर्ट के उतरते ही मेरे 36 साईज के बूब्स उसके सामने आ गये। जैसे उसको कह रहे हो कि देखते क्या हो? चूस डालो हमें। अब मेरे बूब्स देखते ही वो और ज्यादा मदहोश हो गया था और मुझे पीठ के बल लेटाकर मेरे ऊपर आ गया था। अब वो अपना चेहरा मेरे दोनों बूब्स पर रगड़ने लगा था और अपने दोनों हाथों में मेरे दोनों बूब्स पकड़कर दबाने लगा था, मेरे निपल्स का रंग गुलाबी है। फिर अचानक से वो उठा और मेरे कंधो के नीचे एक तकिया रख दिया। अब ऐसा करने से मेरे दोनों बूब्स एकदम तनकर हवा में खड़े हो गये थे, जैसे कोई दो पहाड़ खड़े हो। अब वो मेरी चूचीयों पर अपनी जीभ फैरने लगा था। अब में तो जैसे स्वर्ग में थी। अब मेरे मुँह से आह, आह, आहह, उईई माँ, आअ, आ जैसी आवाज़े निकल रही थी। अब में उसको बोल रही थी आह मेरे भाई तुमने तो आज मुझे पागल कर दिया, तुमने अपनी दीदी को दीवानी कर दिया, सच में बहुत मज़ा आ रहा है, चूस लो आज मेरे बूब्स, लाल कर दो दोनों को चूस-चूसकर, ज़ोर से चूसो, मेरे प्यारे भाई आज अपनी बहन का दूध पी लो। अब वो सिर्फ़ मेरी चूचीयों को ही अपने मुँह में डालकर चूस रहा था। अब उसके हाथ मेरे पूरे शरीर को सहला रहे थे। फिर मैंने अचानक से उसके सिर को पकड़ा और अपने बड़े-बड़े बूब्स में घुसाने लगी थी। अब इस बीच में दो बार झड़ चुकी थी। अब मुझसे और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था। अब इस बीच मेरा भाई कब नंगा हो गया था? मुझे पता ही नहीं चला था। अब उसका 8 इंच का लंड मेरी टांगो के बीच में टकरा रहा था, उसका लंड एकदम लोहे की तरह गर्म था। फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसके लंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसको साईड में किया और उसका लंड देखकर हैरान रह गई। उसका लंड बहुत ही सुंदर लग रहा था, एकदम चिकना और उसकी लाल टोपी तो बस मेरा दिल ही निकालकर ले गई थी। फिर मैंने उसको थोड़ा सीधा होने को कहा और उठकर बैठ गई थी। अब उसका लंड अभी भी मेरे हाथ में था। अब मेरा मन कर रहा था कि अभी इसको अपने मुँह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूस डालूं। फिर मैंने अपने मुँह को नीचे ले जाते हुए धीरे से उसके लंड का टॉप अपने होंठो में दबा लिया, तो उसकी सिसकी निकल गई, आहह। फिर उसने मुझसे कहा कि दीदी पूरा मुँह में डाल लो, चूस लो इसको, ज़ोर से चूसो, दीदी में कितनी बार ख्यालों में आपको अपना लंड चुसवा चुका हूँ? आज मेरे लंड को चूस-चूसकर लाल कर दो, दीदी आहह ऐसे ही और चूसो।

अब में बहुत ही प्यार से उसका लंड चूस रही थी। अब मुझे बहुत मजा आ रहा था। अब में उसका पूरा लंड अपने मुँह में लेकर अंदर बाहर कर रही थी। अब मेरे थूक से उसका लंड और भी चिकना और चमकदार हो गया था। उसने अपने लंड के बाल शेव किए हुए थे। अब में बीच-बीच में उसकी बाल्स को भी अपने मुँह में भर लेती थी। अब वो तिलमिला रहा था और फिर उसने मुझसे कहा कि बस अब में तुम्हें चोदना चाहता हूँ। फिर में बोली कि में एक बात बता दूँ कि में हमेशा अपनी चूत के बाल साफ करके रखती हूँ। अब मेरी गुलाबी चूत देखकर तो उसके मुँह में पानी आ गया था और फिर वो कहने लगा कि अभी तो में पहले इसको चूसूंगा और मेरे कुछ कहने से पहले ही उसने मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया तो में एकदम से उछल गई। फिर उसने मेरी दोनों टाँगे पकड़ ली और मेरी टांगो के बीच में बैठकर मेरी चूत का रसपान करने लगा था। अब मेरे मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी। अब में उसके सिर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी थी, तो तभी अचानक से उसने मेरी चूत में अपनी जीभ घुसा दी। अब मेरे लिए कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था।

अब में ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी थी और उसको कहने लगी कि आआहह और ज़ोर से चूसो, घुसा दो अपनी जीभ अपनी बहन की चूत में, खा जाओ अपनी बहन की चूत को और फिर अचानक से में झड़ गई। अब वो बड़े प्यार से कुत्ते की तरह मेरी चूत का रस चाटने लगा था और मेरी चूत का सारा रस साफ कर दिया था। फिर उसने कहा कि बस दीदी अब चुदा लो अपने भाई से। तो तब मैंने उससे कहा कि मेरे प्यारे राजा मैंने कब मना किया है? जी भरकर चोद लो अपनी बहना को, फाड़ दो अपनी बहन की चूत। फिर उसने मुझे पीठ के बल लेटा दिया और एक तकिया मेरी गांड और पीठ के नीचे रख दिया, जिससे मेरी चूत एकदम ऊपर उठ गई थी। फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत पर टिका दिया और एक धक्का मारा तो मेरे मुँह से सिसकी निकल गई। अब उसके लंड का टोपा मेरी चूत में घुस गया था। फिर वो थोड़ा आगे की तरफ झुक गया और एक और ज़ोर का झटका मारा तो मेरी तो चीख ही निकल गई थी, लेकिन मैंने अपनी चीख को दबा लिया था।

अब उसका 8 इंच का लंड मेरी चूत में समा गया था। अब मुझे ऐसा लगा रहा था कि जैसे किसी ने गर्म-गर्म कुछ डाल दिया हो। अब मेरी चूत के होंठ उसके लंड के साथ चिपके हुए थे। अब मेरी चूत ने उसके लंड को जकड़ रखा था। फिर उसने धीरे-धीरे धक्के लगाने स्टार्ट कर दिए। अब पहले तो वो धीरे-धीरे धक्के मार रहा था। अब उसके हर धक्के के साथ में स्वर्ग की सैर कर रही थी। अब में उसके साथ लिपट रही थी। अब मेरी टांगे उसकी कमर को पकड़ रही थी और उसकी कमर पर लिपट रही थी। अब वो अपना आधे से ज्यादा लंड अंदर बाहर कर रहा था। अब मेरे मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी आअहह, ऊहह, उूउउईईईईई माँ, आ में मर गई, आज तुमने अपनी बहन को चोद दिया, मेरे प्यारे भाई अपनी बहन की चूत को फाड़ डालो, पूरा घुसा दो अपना लंड अपनी बहन की चूत में और ऐसा कहते-कहते में फिर से झड़ गई और फिर उसने भी अपनी स्पीड और बढ़ा दी।

अब में समझ गई थी कि वो भी झड़ने वाला है। फिर तब मैंने उससे कहा कि भाई मेरी चूत में मत झड़ जाना, में कही प्रेग्नेंट ना हो जाऊँ। तब उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर खींच लिया और मेरे मुँह के पास आ गया। अब में समझ गई थी कि वो क्या चाहता है? तो मैंने झट से उसके लंड को अपने मुँह में भर लिया। फिर उसने मेरे मुँह को चोदना स्टार्ट कर दिया। फिर कुछ देर में ही वो मेरे मुँह में ही झड़ गया और उसके लंड से इतना माल निकला था कि मेरा पूरा मुँह भर गया था और में मजे के साथ उसका सारा रस पी गई थी। फिर बाद में मैंने उसके लंड को चाटकर साफ किया, सच कहूँ तो अपने भाई से चुदाकर बहुत मज़ा आया था, इतना मजा तो मुझे मेरे बॉयफ्रेंड ने भी नहीं दिया था ।।

धन्यवाद …

सेक्सी कोचिंग गर्ल के साथ मजा



प्रेषक : अजय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में सूरत में रहता हूँ। मेरी कोचिंग में एक लड़की पड़ती थी, जिसका नाम प्रियंका था, वो दिखने में गजब की खूबसूरत थी। फिर एक दिन वो बड़े गले का सूट पहनकर आई और मेरे पास बैठ गई। अब हम लोग सबसे पीछे बैठे थे। अब मुझे उसके बड़े-बड़े बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे। तभी मैंने अपनी टाँगे उसकी जांघो से टच करा दी तो उसने मुझे सेक्सी निगाहो से देखा और मुस्कुराई तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और फिर मैंने अपना राईट हाथ उसकी लेफ्ट जांघ पर रख दिया और हल्के-हल्के सहलाने लगा था। अब मेरा हाथ टेबल के नीचे था, इसलिए कोई मुझे देख नहीं पा रहा था। वो इलास्टिक वाला ट्राउज़र (सलवार) पहने थी। फिर जब उसने कोई विरोध नहीं किया तो मैंने थोड़ा सा उसका टॉप (कुर्ता) उठाकर अपना एक हाथ उसके कुर्ते में पेट पर रख दिया। तब मैंने महसूस किया कि उसकी साँसे तेज़ी से चल रही थी। तभी मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, ये क्या? उसकी पेंटी तो एकदम गीली थी। तभी मेरा ध्यान उसके बूब्स पर गया, वो भी एकदम नुकीले और टाईट हो रहे थे।

अब में समझ गया था कि प्रियंका गर्म हो गई है। फिर मैंने उसकी गर्म चूत पर अपना एक हाथ रख दिया, तो वो हल्के से सिसकारी लेने लगी और तभी उसने भी मेरा लंड मेरी पेंट के ऊपर से ही पकड़ लिया और सहलाने लगी थी। मैंने पहली बार किसी लड़की की चूत पर अपना हाथ रखा था। अब में भी पागल हो गया था। फिर मैंने उसका क्लाइटॉरिस पकड़ लिया और उसे दबाने लगा था। अब उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी, जो बहकर चूत के नीचे बहता जा रहा था। तभी मैंने उसकी चूत के बहे पानी को अपने हाथ में लिया और अपना मुँह नीचे करके चाट लिया, वो एकदम नमकीन सा टेस्ट था।

फिर मैंने अपना लंड 1 मिनट के लिए बाहर निकाला जो एकदम गीला हो रहा था। में आपको बता दूँ कि मेरा लंड 7 इंच लंबा है। फिर मैंने देखा कि वो मेरे लंड को बड़े गौर से अपनी आँखों में उतार रही थी। फिर मैंने अपना लंड अंदर करने के बाद फिर से उसकी चूत पर अपना एक हाथ डाल दिया। फिर मैंने अपनी 2 उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दी और ज़ोर-जोर से हिलाने लगा था। फिर में 2-3 मिनट तक उसका हस्तमैथुन हल्के–हल्के करता रहा। तभी एकाएक उसका शरीर अकड़ा और वो एकदम से शांत हो गई और उसकी चूत से सफ़ेद पारदर्शी जैली के जैसा जैल बहकर बाहर आया, जिसे मैंने अपने हाथ में लेकर अपना मुँह नीचे करके चाट लिया था। फिर कोचिंग का टाईम ख़त्म हो गया। अब जाते समय उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे। अब वो मुझे प्यार भरी निगाहों से देख रही थी। मेरा घर मेरे रूम से काफ़ी दूर था। प्रियंका भी रूम किराए पर लेकर अपनी एक पार्टनर के साथ अकेली रहती थी। हम दोनों के रूम सेपरेट थे। फिर मैंने उसी दिन रात को 11 बजे उसे फोन किया तो वो बोली क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि तुम्हें याद कर रहा हूँ। फिर हम दोनों ने ढेर सारी सेक्सी बातें की। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने किसी से अब तक चुदवाया है? तो वो बोली कि नहीं। तब मैंने पूछा कि अब क्या इरादा है चुदवाने का? तो वो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने पूछा कि क्या तुमने अब तक ब्लू फिल्म देखी है? तो वो बोली कि नहीं। उसके रूम में कंप्यूटर भी था, लेकिन इंटरनेट नहीं था और तभी वो बोली कि मुझे ब्लू फिल्म देखनी है। तब मैंने कहा कि ठीक है कल में तुम्हें ब्लू फिल्म की सी.डी कोचिंग में कॉपी में रखकर दे दूँगा। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम हस्तमैथुन करती हो? तो वो बोली कि हाँ, में तो रोज नहाते समय अपनी उंगली से या फिर पानी की तेज धार पाईप से अपनी चूत में डालती हूँ तो 2-3 मिनट में मेरा हो जाता है। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।


फिर मैंने उससे कहा कि में तो अपने लंड को मुट्ठी में पकड़कर ऊपर नीचे करता हूँ तो 5-10 मिनट तक लगातार करने के बाद में झड़ता हूँ। फिर अगले दिन मैंने उसे सी.डी दे दी। फिर रात को मैंने उसे फोन किया, तो वो सी.डी देख रही थी। अब उसकी आवाज बदली हुई थी। फिर वो मुझसे बोली कि इस सी.डी में तो लड़का काफ़ी देर से करीब 50 मिनट से लड़की के धक्के लगा रहा है, इतनी देर में तो मेरा जाने कितनी बार झड़ जाएगा? तब मैंने कहा कि सी.डी में तो मेडिसिन लेकर सेक्स करते है। तो तब वो बोली कि मुझे ज्यादा देर बाद झड़ने की मेडिसिन लाकर दे दो, तो मैंने कहा कि दे दूँगा। फिर वो बोली के 1 मिनट फोन होल्ड करो, में अपना नाईट सूट का टॉप उतार रही हूँ। फिर टॉप उतारने के बाद मैंने कहा कि ट्राउज़र भी उतार दो। अब वो केवल ब्रा पेंटी में थी। अब मैंने उसकी ब्रा पेंटी भी उतरवा दी थी।

फिर उसने मुझसे कहा कि तुम भी पूरे नंगे हो जाओ, तो मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए। फिर वो जाकर एक मोमबती उठा लाई और मुझसे कहने लगी कि हस्तमैथुन करो तुम भी और में भी। फिर हम दोनों ने फोन पर ही हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया। फिर 3-4 मिनट तक हम दोनों पूरे जोश से अपना अपना हस्तमैथुन करते रहे। फिर हम दोनों एक साथ जाकर झड़ गये, तो तब वो बोली कि तुम्हारे साथ फोन पर सेक्स करने में बहुत मज़ा आया। तब मैंने कहा जब आमने सामने करोगी तो इससे भी ज्यादा मज़ा आएगा। अब तो हम दोनों का नियम बन गया था और रोज रात को हम दोनों फोन पर ही पहले मुठ मारते और फिर झड़कर सो जाते थे। फिर 3 दिन के बाद मैंने रविवार सुबह को उसे अपने रूम पर बुलाया। तो वो जीन्स टॉप पहनकर आई, वो बैग में अपने कपड़े भी रखकर लाई थी। फिर वो मुझसे बोली कि में रात में यहीं रुक जाऊं, तो तुम्हें कोई एतराज तो नहीं? तो मैंने कहा कि मुझे क्यों एतराज होगा? जब भरी गर्मी के दिन थे। फिर में उसके पास गया और उसकी आँखों में देखता रहा और फिर मैंने अपने गर्म होंठ उसके होंठो पर रख दिए और चूसने लगा तो वो भी करीब 10 मिनट तक मेरे होंठ चूसती रही।

फिर उसके बाद मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। अब मेरा 8 इंच लंबा लंड पूरी तरह से तन चुका था। फिर उसने मेरी पेंट उतार दी और मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब उसे पूरा नशा चढ़ चुका था और फिर देखते ही देखते उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरे शरीर को चाटने लगी थी। उसने मेरे पेट पर, हाथ पर, पैर पर, कूल्हों पर, पीठ पर चाटा था। अब मुझमें पूरी तरह से जोश आ चुका था। फिर मैंने उसे भी नंगा कर दिया और उसकी चूत चाटने लगा, उसका क्लाइटॉरिस पकड़कर रगड़ने लगा था। मेरा बाथरूम भी रूम से ही अटेच था। फिर उसने मुझसे कहा कि उसे पेशाब करना है। तब मैंने उसे उठाया और बाथरूम में ले गया। फिर मैंने शॉवर चला दिया और उसकी चूत चाटने लगा। अब मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी थी। अब वो सिसकने लगी थी और बोली कि में ज्यादा देर नहीं रुक पाऊँगी तो में थोड़ा चूसने के बाद रुक गया।

फिर वो बोली कि मुझे तुम्हारे ऊपर पेशाब करना है। तो तब मैंने कहा कि मुँह को छोड़कर जहाँ चाहो करो। फिर उसने मुझसे बैठने को कहा और मूतने लगी थी। अब उसका गर्म-गर्म पेशाब मेरे ऊपर गिर रहा था। अब में उत्तेजना से पागल हो गया था। फिर मैंने उसे पकड़ा और सीधा लेटा दिया और अब में भी उसके बूब्स पर चूत पर पेशाब करने लगा था। अब वो चीख रही थी और सिसकारियाँ ले रही थी। फिर हम दोनो एक साथ नहाए और फिर हम दोनों कमरे में आकर बेड पर लेट गये। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज मुझे चोद दो, अब में नहीं रह पाऊंगी। अब वो ज्यादा उत्तेजना के कारण रोने लगी थी।

फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के छेद पर रख दिया और फिर हल्के से एक धक्का मारा। तो वो चीख पड़ी और बोली कि मुझे तो बहुत दर्द हो रहा है। तब मैंने कहा कि चिंता मत करो डार्लिंग, थोड़ी देर में यह दर्द मज़ा बन जाएगा और फिर में धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। अब वो चीख रही थी चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत को, मूत दो मेरी चूत में और ज़ोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। अब उसने अपने बाल खोल लिए थे और पागल हो गई थी। अब में भी अपने एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। तभी अचानक से उसका शरीर अकड़ने लगा और वो एकदम से मुझसे चिपक गई। अब उसने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गढ़ा दिए थे। अब में समझ गया था कि यह झड़ चुकी है। फिर मैंने अपने धक्के और तेज कर दिए और फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ गया। अब मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया था। फिर हम लोग 10 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे। फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला तो हम दोनों ने खूब चुदाई की और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …
प्रेषक : रॉबिन …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रॉबिन है, मुझे सेक्स बहुत पसंद है। यह मेरी फर्स्ट स्टोरी है, अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह बात उस समय की है, जब में 18 साल का था, लेकिन अपनी 6 फुट की लंबाई की वजह से 20 साल का लगता था। मेरे 12वीं के एग्जॉम होने के बाद में अपनी नानी के गाँव रहने के लिए गया था। मेरी नानी के यहाँ मेरे 4 मामा थे, जिनमें से 2 की शादी हो चुकी थी। मेरी बड़ी मामी का नाम कोमल और छोटी मामी का नाम रेखा है। मुझे मेरे नाना जी के यहाँ सभी बहुत प्यार करते है। मेरे मामा लोग खेतो का काम संभालते है, दोपहर के टाईम पर मामा और नाना खेतो पर होते थे और नानी सो रही होती थी और छोटी मामी घर का काम करती थी। अब में और बड़ी मामी टाईम बिताने के लिए ताश खेलते थे।

फिर एक दिन हम दोनों ताश खेल रहे थे कि अचानक छोटी मामी हमारे कमरे में आई और बोली कि दीदी बहुत दर्द हो रहा है, कुछ करो। तो बड़ी मामी उनको अपने साथ ले गयी और थोड़ी देर में वापस आ गयी। फिर मैंने उनसे पूछा कि मामी को क्या हुआ? कहाँ दर्द हो रहा है? तो तब मामी ने हँसते हुए कहा कि कुछ नहीं पेट में दर्द हो रहा है। तो तब मैंने पूछा कि मामा की शादी को अभी केवल 15 दिन ही हुए है और मामी के पेट में दर्द इतनी जल्दी शुरू हो गये। तो तब कोमल मामी ने कहा कि बदमाश वो दर्द नहीं हो रहा है, तेरे मामा ने उसकी कल पहली बार ली थी, उसका दर्द उसकी चूत में हो रहा है।


फिर यह सुन कर मैंने मामी से कहा कि मामी तुम कितनी बेशर्म हो गयी हो? मुझसे ऐसी बात कर रही  हो, थोड़ा तो रिश्तों का ख्याल किया करो। तो मेरी बात सुनकर वो बोली कि तेरा मेरी में घुसने से मना कर देगा क्या? क्या तेरा लंड मेरी चूत को रिश्तेदार मानेगा? तो उनकी बात सुनकर में चुप हो गया और उनसे कहा कि चलो ताश खेलते है और फिर हमने ताश खेलना चालू कर दिया। अब मेरी टांग मामी की टांगो के पास ही थी, जिसको में धीरे-धीरे खिसकाकर उनकी टांगो के पास ले गया था। अब में उनसे बातें  भी कर रहा था और अपने पैर की उंगलियों से उनके तलवे भी सहला रहा था। अब मामी ने मेरी इस हरकत का कोई विरोध नहीं किया था, तो मेरा हौसला बढ़ गया था। फिर में अपने पैर को उनकी साड़ी के अंदर घुसाने की कोशिश करने लगा। अब मामी अपनी टाँगे मोड़कर घुटनों को ऊपर करके बैठी थी।  फिर मैंने अपना पैर धीरे से उनकी साड़ी में घुसा दिया और उनकी टांगो को अपने पैर से सहलाने लगा था। फिर थोड़ी देर सहलाने के बाद मामी ने अपने घुटने नीचे कर किए और अपनी टाँगे फैलाकर दीवार के सहारे बैठ गयी। फिर मैंने अपने पैर को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ करना शुरू किया तो थोड़ी देर के बाद मेरा पैर उनकी जाँघो के ऊपर पहुँच गया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तब मेरे पैर को एकदम चिकना और गर्म एहसास हुआ और मेरा लंड मेरी पैंट में फूलकर मस्ती में आ गया। फिर थोड़ी देर तक उनकी जांघे सहलाने के बाद मैंने अपना पैर थोड़ा और ऊपर बढ़ाया तो जैसे मुझे करंट लग गया। मामी ने पैंटी नहीं पहनी थी और उनकी चूत घने बालों से भरी थी। अब उनकी चूत पर मेरे पैर का अंगूठा लगते ही मुझे गर्म ओवन से पैर लगाने का एहसास हुआ। अब में उनकी चूत को अपने पैर की उंगलियों और अंगूठे से सहलाने लगा था। फिर थोड़ी देर तक उनकी चूत सहलाने के बाद उनका पेट अकड़ गया। अब उनका पूरा बदन पसीने में नहा गया था और उनकी चूत के छेद पर गीला- गीला लगने लगा था। तब मामी ने कहा कि ये क्या किया? निकाल दिया मेरा, चल अब अपना लंड तो दिखा दे। अब में उनके पास ही तो था ही, तो मामी ने तुरंत ही मेरी पैंट की चैन खोलकर अपना एक हाथ मेरी चड्डी के अंदर डाल दिया और मेरा लंड पकड़ लिया। अभी तक मेरे काले नाग को किसी भी औरत या लड़की ने छुआ नहीं था, तो उनका हाथ लगते ही मुझे जनन्त में होने का एहसास हुआ।

फिर मामी मेरे लंड को मेरी चड्डी के अंदर ही टटोलती रही और मेरी गोलियों को सहलाती रही। अब मुझे स्वर्ग में होने का अनुभव हो रहा था। तो तभी मामी ने उठकर कमरे के दरवाजे बंद करके मुझको बेड पर जाने का इशारा किया। अब में मामी की बात को मानते हुए बेड पर लेट गया था। फिर मामी मेरे पास बैठ गयी और मेरी पैंट और चड्डी को नीचे खिसकाकर मेरे लंड को सहलाते हुए अपने दूसरे हाथ से मेरी गोलियों को सहलाते हुए अपनी एक उंगली मेरी गांड के छेद के आस पास फैरती रही। अब में तो सातवें आसमान में उड़ रहा था। अब मामी के सहलाने के कारण थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से ढेर सारा गाढ़ा पानी निकल पड़ा था, जो मेरे पेट पर जाकर गिरा। फिर उसको मामी ने चादर से साफ कर दिया, तो तभी हमें ट्रेक्टर के रुकने की आवाज आई। तो तब मामी बोली कि तेरे मामा आ गये है, चल अब बाद में मज़े लेंगे। दोस्तों उसके बाद हमें कोई मौका ही नहीं मिला और जब भी मौका मिलेगा तो आगे की कहानी आपको जरूर बताऊंगा ।।

धन्यवाद …

Mohit Fucking Neighbourhood Jyoti Bhabhi - I

Hello readers I am Mohit; resident of NCR, at present 28, single, tall, bit dusky but good looking male with very good sex appetite. I don’t know if I am abnormal but instead of sexy slender virgins I am always more attracted to married Bhabhies; not fat but with bit of fleshy assets.



For me fantasizing married female was always better because for unmarried girl you have to assume that she get fucked but married female surely gets fucked, School aur college days, mein jab bhi main kisi Bhabhi ko dekhta tha to ye hi sochta tha ki roz raat ko iska pati issko nanga karke kitne mazze se iski leta hoga.
I mean since my teenage, awareness of this fact that this particular female get fucked regularly by her husband use to drive me crazy. Anyway till date I have been on bed with two females. The one who took my virginity was Shikha; sexy slender, tall, dusky and average looking unmarried female Shikha was actually my collogue; around 5-6 years older and also seiner to me,
Shikha not only gave me taste of real pussy, not only taught me how to blow a female on bed with both; Cock and tongue but also boosted my over all interacting confidence with females in all concerns including flirting.
Anyway I will write about Shikha and me some other day, at present what I am trying writing down is about my very interesting sex experience with the second female Jyoti Bhabhi. As I am not very good in English, few readers; especially who belong to southern India, may find my narration bit irritating,
but if they are willing to read real fascinating sex experiencing of a typical delhite they can use Google as their assistant. Now if I will introduce Jyoti Bhabhi to readers, I would say Jyoti Bhabhi is a female living in my neighborhood; on the same street around 10-12 houses away from mine, mother of one 8-9 year old boy and her husband owns a chemist shop in our locality’s market.
Physical appearance; she has a body structure of typical MILF with you know, bhare-bhare Mummy, Moti moti Jhanghe, Chowdi aur bahar nikli hui Gand. In English round ripe melons, thick fleshy thighs and erotically spread, jutting out plump ass; must be 40 or bit less, hairs ending well below shoulders, expressive eyes, prominent belly, standing 5’6”, fair, though not beautiful,
rather average looking female with tiny stains over her cheeks but she is a perfect female in all other aspects to get on bed with an obsessive male like me. Now to begin the story I would say Jyoti Bhabhi was the one for whom I had dirty perspective since I was 16.
Initially I was never in her good touch and I got connected with her when after spending 3 years in Mumbai and experiencing real sex with my colleague Shikha I came back to my home town. It was a weekend of summers and somewhat 7 of the morning when I saw Jyoti Bhabhi after really long.
Wearing tight slacks and a t-shirt ending hardly an inch below her waist Jyoti Bhabhi was going back home along with two more females after a morning walk and I ogled at her swinging ass from my balcony till she disappeared into her house.
As compared to past she was dam attractive now and in a first glance I got so obsessed with her body that from very next morning my dirty brain woke me up for early morning jogging. No need to say suddenly why I got so conscious about my health; it was just Jyoti Bhabhi and mainly her beautiful ass for whom I was running every morning and this schedule went on going for couple of weeks.
Whenever we met first time in the morning I wished her good morning and later we smiled whenever our eyes met across the Park. In the mean time at home my mom asked me for my marriage plan; if I have any love affair? And saying no for any such affair I said yes to Mom to look for my match.
I was totally unaware of what my mom has done in concern of my marriage and on one fine day I came to knew when somewhere in the evening I went to the Chemist Shop for specific purpose. Wearing Jeans and Kurti it was Jyoti Bhabhi who was sitting on cash counter and after stealing a glance of her lovely bottom and ample thighs in sitting posture I wished her casual Namastey.
Bhabhi smiled back and wished me good evening and I gave her doctor's prescription. She forwarded that paper to the guy who gives medicine and I detailed him what all I need from the list. Next that guy went busy in finding medicines and Jyoti Bhabhi casually asked me if I joined my new job and with a smile I accepted in yes.
I was following Jyoti regularly from last 12-15 days without much talking to her and gradually I was getting so desperate to get close to her that I could not masturbate thinking for any other female and with clear intentions for better fantasy I started talking to her and gave her little details of my work and she listened me reflecting lot of interest.
Eventually I got the medicine for which I was there and I was about to say bye to her when suddenly she opened the fact that my mom has told her to find a match for me “Aapki mummy ne mujhe aapke liye ladki dhundhane ke liye kaha hai” and in response reflecting mild eagerness I told her to find the girl quickly “haan..Please jaldi Dhundho na…”
and Jyoti Bhabhi giggled over my fervor and ended with just ok. Eventually I moved from their with lot things to fantasize about her while masturbating and like so many days I ended up masturbating on her name in the night.
Eventually night ended and once again we got face to face in the morning in the park, like always I wished her good morning and kept an eye on her ass throughout my jogging. Everything was as it use to happen every morning but in the end after her scheduled walk instead of going back home with two other females Jyoti Bhabhi stayed in the park
and I saw her sitting alone on the bench. I was also up with my jogging and I reached to her and asked the reason of not going home and she instantly got up while saying that she was waiting for me to end my jog. That was pleasant surprise for me and we started to walk together.
Ohhh…God I can’t tell you guys what a bomb she was looking! Bhabhi was wearing red t-shirt with tight black leggings, she was wet at arm pits and back because of sweat and aroma of her deodorant mixed with sweat was so arousing that I could not hold my erection in my underwear, throughout the jogging I was hard because of her swinging ass
and now gradually I was reaching to the state jahan mera Lund kapde faad ke bahar aana chahhta tha…, I mean I was reaching to the state my monster wanted to tore of my clothes to come out. Anyway soon I came to knew why Bhabhi was waiting for me to go home as after hardly few steps she asked me what sort girl I would like to marry.
“So…kaisi ladki se shaadi karni hai aapko?” and using all my wit and confidence and recalling basic tip to start flirting given by Shikha, I told Bhabhi to find someone like her and after a pause added that it will be fine even if she will be older than me, “koi apne jaisi hi dhoondh do….thodi badi bhi hogi to bhi chalegi… age no bars!”
and like I was expecting it amazed Jyoti Bhabhi a lot and she giggled over my reply with a tiny blush, “Bhabhi I am serious….” I continued and asked her if she has any younger sister “agar aapki koi chhoti sister hai to main bina usko dekhe hi haan kar sakta hun…”
For few seconds Jyoti Bhabhi looked into my eyes without a flick; obviously with a smile and in the end knobbed her head and denied for having any younger sister “nahi...meri koi chhoti sister nahi hai….” and as she denied I expressed disappointment on my face with a smile.
For an instant I felt that substance will end here but after few seconds Jyoti Bhabhi came up saying that she is surprised to know that I don't have any girl friend, "waise I am surprised ki aapki koi girl friend nahi hai" and I came up saying that I never dared to propose any girl "kabhi kisi ladki ko propose karne ki... himmat hi nahi hui"
"you are lying...I can see aap itne innocent nahi ho" looking into my eyes with a smile Bhabhi confidently said that I am lying, possibly she sensed that from my confidence of flirting with her and I went speechless.
“So you have a girl friend….?” Looking at my face while walking beside Jyoti Bhabhi asked me reflecting surety in her voice and as according to Shikha it is sometimes good to admit the truth to impress the female, in low voice I accepted that I had in past and in continuation told her not to tell that to my mom.
“Haan ek thi…per ab nahi hai…lekin aap please Mom ko matt batana…” “Obviously….!” Jyoti Bhabhi replied back and after few seconds of silence with bit of hesitation she indirectly asked me if I have ever done anything with my girl friend “ab ye bhi batta do ki aap apni girl friend ke saath kahan tak gaye ho…?” and I lied by saying “sirf kissing takk…”.
Rest of the way we walked back almost without talking anything in this concern and after reaching back home I instantly went under shower to shag my load on her name. “Ye Jyoti Bhabhi… shaadi se pahle hi mere Lund ka sara tel nikal degi….” Feeling exhausted I murmured after spewing out my cum and started my day as usual.
To Be Continued...
Mohit Fucking Neighbourhood Jyoti Bhabhi - II
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गर्लफ्रेंड की चूत को बरसात में चोदा


प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, में जो आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वालो के लिए यह कहानी लिख रहा हूँ। यह घटना आज से 18 साल पुरानी बात है। उस समय में एक प्राइवेट ट्रैनिंग करता था और हमारे उस स्कूल जिसमे में पढ़ता था उसमे हम सभी लड़के लड़कियाँ एक ही साथ वो ट्रैनिंग करते थे और लड़को के लिए वहीं पास में एक हॉस्टल था जिसमें वो लोग रहते थे, लेकिन में बाहर ही एक कमरा लेकर उसमे रहता और अपनी पढ़ाई किया करता था और मेरे वो दिन बहुत अच्छी तरह से निकल रहे थे और में बहुत खुश था। फिर उसी शाम को अचानक से बहुत तेज बारिश होने लगी थी, जिसकी वजह से मेरे पड़ोसी सभी आसपास के लोग अपने अपने घरों में बंद थे और मुझे बहुत देर पहले से पता था कि मेरी गर्लफ्रेंड जिसका नाम सुषमामा वो कहीं गई हुई है, क्योंकि वो मेरे ही सामने से निकली थी और उसको मैंने जाते हुए देखा भी था और मेरा वो कमरा उसके निकलने वाले रास्ते में ही पड़ता है, इसलिए में अपने कमरे का दरवाजा थोड़ा सा खुला रखकर में बस उसी की राह देख रहा था। दोस्तों सुषमा मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त थी, वो दिखने में बहुत सुंदर, गोरी होने के साथ साथ उसका वो गरम जिस्म मुझे हमेशा अपनी तरफ आकर्षित किया करता था और हमारे बीच बहुत प्यार था, जिसकी वजह से हम बिल्कुल पागल हो चुके थे। हमें एक दूसरे से बिना मिले, देखे, बात किए बिल्कुल भी चेन नहीं मिलता और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत हंसी, मजाक किया करते थे जिसकी वजह से हमारे बीच की दूरियाँ एकदम खत्म हो चुकी थी।


दोस्तों हम दोनों ने सेक्स को छोड़कर बाकी बहुत सारे काम पहले से ही करके उनके मज़े ले लिए थे और अब हम दोनों बहुत समय से एक ऐसे ही किसी अच्छे मौके के इंतज़ार में थे, जिसका फायदा उठाकर हम दोनों अपने मन की इस इच्छा को भी एक बार पूरा कर ले। फिर आज मेरा उसकी चुदाई करने का पूरा पूरा विचार था। में इस मौके को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था और फिर में बैठा उसका आने का इंतजार करते हुए उसकी चढ़ती हुई जवानी के बारे में सोच सोचकर पागल हुआ जा रहा था। मेरे बदन में अजीब सा कुछ होने लगा था और मेरा लंड भी अब तनकर खड़ा होने लगा था। में बस उसी के विचारों में बिल्कुल खोया हुआ था। तभी अचानक से वो मुझे मेरे सामने से आती हुई नजर आ गई, मैंने अपने दरवाजे को थोड़ा सा ज्यादा खोला दिया और जब वो मेरे एकदम पास आ गई। मैंने उससे कहा कि तुम अंदर ही आ जाओ, इस इतनी तेज बारिश में कहाँ जाओगी? जब पानी रुक जाए तब तुम वापस चली जाना, हम बैठकर कुछ देर बातें करते है, आओ ना अंदर तुम बाहर क्यों खड़ी हो? मैंने देखा कि अब तक वो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और उसको भी मेरे साथ रहना बातें करना अच्छा लगता था, वो इसलिए तुरंत ही बिना कुछ कहे कमरे के अंदर आ गई।



दोस्तों उसके अंदर आते ही में बहुत खुश हो चुका था, क्योंकि आज मेरे मन की मुराद पूरी होने वाली थी और अब में उसका वो काम भी पूरा करने की बात अपने मन में ठान चुका था, इसलिए मुझे आज उसकी चुदाई का काम खत्म करके अपने मन की इस बहुत पुरानी इच्छा को पूरा करना चाहता था। फिर सुषमा अंदर आकर अपने बदन से पानी को साफ करने लगी, उफ्फफफ्फ़ पानी से उसका वो पूरा गीला बदन जिसके ऊपर उसके कपड़े एकदम चिपके हुए थे, जिसकी वजह से मेरे सामने उसका एक-एक अंग साफ साफ झलक रहा था उसको इस हालत में देखकर मुझे ऐसा लगने लगा था जैसे वो मेरे सामने नंगी खड़ी हो क्योंकि गीले कपड़ो से मुझे उसका गोरा पेट, दोनों गोलमटोल बूब्स के ऊपर बंधी ब्रा, बड़े आकार के गले वाले सूट से उसके वो गोरे गोरे बूब्स उभरे हुए मुझे बहुत ही ललचा रहे थे और उसकी वो सलवार भी जांघो के अंदर तक जकड़ फंसी हुई थी। दोस्तों वाह उसने क्या कयामत की जवानी पाई थी उसके वो बड़े आकार के एकदम टाइट बूब्स, पतली कमर और वाह उसकी वो बड़ी गोल गांड हाए जिसको देखकर ही मुझे मज़ा आ गया और में बिल्कुल चकित होकर उसको घूर घूरकर देखने लगा। दोस्तों वैसे में तो पहले से ही उसके आने के इंतजार में तैयार बैठा था और उसकी सुंदरता, उस गीले, गोरे बदन को देखकर तो मेरे सब्र का बाँध टूट सा गया। अब मैंने हिम्मत करके बिना देर किए उसको पीछे से अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपने खड़े लंड से में उसकी गांड पर ज़ोर लगाने लगा, पहले में उसकी कमर और अब उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने सहलाने लगा था और मेरा वो लंड एकदम तनकर उसके दोनों कूल्हों के बीच में सेट होकर ठीक जगह पर अंदर घुस गया और वो जोश में फनफनाने लगा।

अब मेरा मन करने लगा कि में उसी समय अपना पूरा गांड उसकी गांड के अंदर डाल दूँ उसी समय जोश की वजह से मेरे दिमाग़ में बिजली सी धौड़ने लगी थी और मेरा पूरा बदन काँप रहा था। दोस्तों सुषमा भी जैसे पहले से ही मेरे साथ यह सब करने के लिए तैयार ही थी, इसलिए मेरे छूते ही वो कुछ देर में धीरे धीरे ढीली पढ़ने लगी थी, एक तो उसका वो गोरा, चिकना, गीला बदन और उस पर कामवासना का वो नशा चढ़ने की वजह से मेरे दिमाग़ ने एकदम काम करना बंद कर दिया था। अब तो बस मेरे हाथ और मुहं चल रहा था और फिर हम दोनों का वो खेल शुरू हो गया, जिसके लिए हम दोनों इतने लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे। अब में धीरे धीरे उसके गीले कपड़े एक एक करके उतारने लगा था, बस कुछ ही सेकिंड के बाद उसका वो गोरा, कामुक बदन मेरी आखों के सामने बिना कपड़ो के एकदम नंगा होकर मुझे अपनी तरफ आकर्षित करके ललचाने लगा था, क्योंकि मैंने आज पहली बार उसको अपनी आखों के सामने पूरा नंगा जो देखा था और वो मेरे जीवन का एक सबसे अलग दिन था, जिसके बारे में सोचकर आज भी रोमांच से भर जाता हूँ और मेरे पूरे शरीर का रोम रोम खड़ा हो जाता है।

फिर उसके गीले, चिकने बदन तो चूमते हुए में उसकी चूत की तरफ आगे बढ़ने लगा था और जैसे ही मैंने उसकी एकदम चिकनी उठी हुई चूत पर अपने होंठ रखकर चूमना शुरू किया तो सुषमा उस मस्ती जोश की वजह से तड़प उठी और उसी समय सुषमा ने मेरे सर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपनी कमर को आगे किया और वो अब अपनी चूत को मेरी नाक पर रगड़ने लगी थी। उस समय उसने सारी हदे तौड़ दी और में उसका वो जोश देखकर बड़ा चकित था। फिर मैंने भी अब उसके दोनों कूल्हों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और फिर में उसकी गांड को सहलाते हुए उसकी रस भरी चूत को चूमने, चूसने लगा और तब सुषमा की उस कामुक, गीली, चूत की प्यारी, प्यारी खुशबू मेरे दिमाग़ में छाने लगी थी। अब में पागलो की तरह उसकी चूत और उसके चारो तरफ के हिस्से को चूमने लगा साथ ही में बीच, बीच में अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसकी चिकनी गदराई हुई जांघो को भी चाट लेता। फिर वो मस्ती से भरकर सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी आह्ह्ह राजा ऊह्ह्ह्ह प्लीज थोड़ा सा और अपनी जीभ से चाटो ना, प्लीज तुम मुझे अब और मत तड़पाओ मेरे राजा तुम इसके पूरा अंदर डालकर अपनी जीभ से चोटो। अब तक उसकी नशीली चूत की उस मादक खुशबू ने मुझे बुरी तरह से पागल बना दिया था, मैंने उसकी चूत से अपने मुँह को उठाए बिना ही उसको खींचकर पलंग पर बैठा दिया और में खुद नीचे जमीन पर बैठ गया। फिर मैंने उसकी दोनों जाँघो को पूरा फैलाकर अपने दोनों कंधो पर रख लिया और फिर आगे बढ़कर उसकी चूत के होंठो को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। फिर सुषमा मस्ती में आकर पागलों की तरह ना जाने क्या क्या बड़बड़ाने लगी थी और उसने अपने कूल्हों को आगे पीछे करके अपनी चूत को मेरे मुँह से बिल्कुल सटा दिया था। अब उसके कुल्हे पलंग से बाहर आकर हवा में झुला झूल रहे थे और उसकी मखमली, मुलायम जांघो को पूरा दबाब मेरे दोनों कंधों पर था और उसी समय मैंने अपनी जीभ को पूरी की पूरी उसकी चूत में डाल दिया और अब में चूत के दाने को टटोलने के साथ साथ चूत के अंदर के हिस्से को भी सहलाने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
सुषमा अब बहुत मस्ती में आकर तिलमिला उठी और वो अपने कूल्हों को ऊपर उठा उठाकर अपनी चूत को मेरे मुहं पर दबाने लगी और सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी आह्ह् ऊफ्फ् मेरे राजा तुम यह क्या कर रहो हो? मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, तुम अब अपनी जीभ को अंदर-बाहर करो ना आह्ह्ह्ह हाँ ऐसे ही चोदो मेरे राजा ऊफ्फ्फ चोदो ऊईईइ, तुम अपनी जीभ से चोदो मुझे, मेरी जान आज में अब अपनी सारी कसर निकालूंगी, में पिछले एक साल से यह सब करने के लिए बहुत तरस रही थी, हाँ मेरे राजा चोदो तुम आज मेरी चूत को अपनी जीभ से। दोस्तों मुझे भी उसकी वो बातें सुनकर बड़ा जोश आ गया और अब में उसकी चूत में बड़ी जल्दी जल्दी अपनी जीभ को अंदर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा और सुषमा भी पूरी तरह से जोश में आकर अपनी कमर को ज़ोर-ज़ोर से उठाकर मेरी जीभ से अपनी चूत को चोदने लगी थी। अब मुझे भी इस जोश से भरी चुदाई का बहुत मज़ा आने लगा था। मैंने अपनी जीभ को सीधी करके खड़ी कर ली और में अपने सर को आगे पीछे करके उसकी प्यासी चूत को चोदने लगा था। दोस्तों मेरे यह सब करने की वजह से उसका वो जोश दुगना हो चुका था और वो अब पागलों की तरह अपने कूल्हों को ज़ोर, ज़ोर से ऊपर उठाती हुई मुझसे कहने लगी आह्ह्ह हाँ और ज़ोर से और ज़ोर से पूरा अंदर तक डालो मेरी जान आहह्ह्ह उऊईईइ माँ में मर गई।

दोस्तों सुषमा की उस हालत को देखकर में तुरंत समझ गया कि अब वो झड़ने वाली थी, इसलिए वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए अपनी चूत को मेरे पूरे चेहरे पर रगड़ने लगी थी और में भी पूरी तेज़ी से अपनी जीभ को लप लपाकर उसकी चूत को पूरी तरह से चाट रहा था। फिर सुषमा उसी समय तुरंत ही पलंग पर पेट के बल लेट गयी और उसने अपने घुटनों के बल होकर अपने दोनों कूल्हों को हवा में ऊपर उठा लिया। दोस्तों वो द्रश्य बहुत ही देखने लायक था क्योंकि अब सुषमा के वो गोरे, चिकने, गोलमटोल दोनों कुल्हे मेरी आखों के सामने आकर लहरा रहे थे। तो मुझसे अब बिल्कुल भी रहा नहीं गया और मैंने आगे बढ़कर उसके कूल्हों को अपने मुँह में भरकर कसकर काट लिया, दर्द की वजह से उसके मुहं से ऊउईईईई आईईई माँ मर गई, चीख निकल गयी। फिर मैंने बहुत सारा वेसलिन लेकर उसकी चूत की दरार में लगाकर एकदम चिकना कर दिया, तभी वो बीच में बोल पड़ी और कहने लगी कि ऊपर से लगाने से कुछ नहीं होगा, तुम उंगली में लेकर इसको अंदर भी लगाओ और अपनी उसी उंगली को चूत के अंदर डाल डालकर पहले इस छेद को ढीला करो और उसके बाद आगे कुछ करने की बात सोचो।

दोस्तों मुझे उसकी वो बात एकदम सही लगी, क्योंकि यह चुदाई हम दोनों का पहला अनुभव था और में उसकी छोटी सी कुंवारी चूत में अपने मोटे लंड को डालने जा रहा था, जो जोश में आकर ऐसा नजर आ रहा था जैसे वो चुदाई नहीं इस चूत को फाड़कर एक ही बार में आज इसका भोसड़ा बना देगा, जिसका दर्द उसको सह पाना ना मुमकिन था। अब मैंने उसके कहने पर अपनी बीच वाली उंगली पर बहुत सारा वेसलिन लगाकर उसकी चूत के अंदर डालने की में कोशिश करने लगा और जब पहली बार मेरी ऊँगली अंदर नहीं गई।

फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से छेद को फैलाकर दोबारा वैसी ही कोशिश दोबारा की, तब मेरी उंगली थोड़ी सी अंदर चली गयी और मैंने थोड़ा सा बाहर निकालकर एक बार फिर से झटका देकर अंदर डाला तो घप से मेरी पूरी चिकनी, उंगली चूत के अन्दर घुस गई। फिर उसने दर्द की वजह से एकदम अपने कूल्हों को सिकोड़ लिया, जिसकी वजह से उंगली एक बार फिर से बाहर निकल गयी। अब सुषमा सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अईई हाँ बस तुम इसी तरह से कुछ देर तक अपनी उंगली को अंदर बाहर करते रहो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। तो में उसके कहने के हिसाब से अपनी उंगली को ज्यादा तेज धक्को के साथ अंदर, बाहर करने लगा, क्योंकि मुझे भी इस काम में बड़ा मज़ा आ रहा था और वो भी अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरे साथ मज़ा ले रही थी और कुछ देर ऐसे ही मज़े लेने के बाद उसने मुझसे कहा कि चलो मेरे राजा अब तुम आ जाओ और अपना वो इसके अंदर डाल दो।

फिर में तुरंत उठकर अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़कर मैंने उसकी चूत के छेद पर रख दिया और उसने थोड़ा सा पीछे होकर लंड को ठीक निशाने पर रख लिया। फिर मैंने उसके कूल्हों को अपने दोनों हाथों से पकड़कर एक जोरदार धक्का लगा दिया, तब मुझे महसूस हुआ कि उसकी कुंवारी चूत का वो छेद बहुत ही टाइट और आकार में छोटा भी था। फिर मैंने उससे बोला कि सुषमा यह अंदर नहीं जा रहा, तुम ही बताओ में क्या करूं? उसने तब अपने दोनों हाथों से अपने कूल्हों को खींचकर चूत के छेद को चौड़ा किया और मुझसे दोबारा ज़ोर का धक्का लगाने के लिए कहा। फिर इस बार मैंने थोड़ा और ज़ोर लगाया, जिसकी वजह से मेरे लंड का टोपा सुषमा की चूत के लाल, लाल छेद में चला गया, सुषमा की कसी हुई चूत ने मेरे टोपे को जकड़ लिया और मुझे उस समय बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता।

फिर मैंने कुछ देर उसका दर्द कम हो जाने के बाद दोबारा धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत को चीरता हुआ मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया, लेकिन वो दर्द की वजह से ज़ोर से चीख उठी ऊईईई माँ में मर गई मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है तुम थोड़ा आराम से डालो ऊफ्फ्फ्फ़ वरना मेरी जान निकल जाएगी, लेकिन मैंने उसकी चीख पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर मैंने अपने लंड को थोड़ा सा पीछे खींचकर एक जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से अब मेरा सात इंच का लंड उसकी चूत को चीरता, फाड़ता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और वो फिर से चीख उठी ऊउईईईईई माँ क्या तुम आज मेरा दम ही निकालकर मेरा पीछा छोड़ोगे, प्लीज धीरे करो। अब वो चिल्लाते हुए बार बार अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। मैंने आगे की तरफ झुककर उसके बूब्स को पकड़ लिया और में उन्हे सहलाने, मसलने लगा और मेरा लंड अभी भी पूरा का पूरा उसकी चूत के अंदर ही था। दोस्तों में कुछ देर बाद सुषमा की चूत में अपने लंड को डाले हुए ही उसके बूब्स को सहलाता रहा और जब वो कुछ शांत हुई तो वो अपने कूल्हों को हिलाकर मुझसे कहने लगी कि चलो अब ठीक है तुम शुरू करो।


फिर उसका वो इशारा पाकर मैंने दोबारा सीधे होकर उसके कूल्हों को पकड़ कर धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाकर मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, उसकी चूत बहुत ही टाइट थी, इसलिए मुझे धक्के देकर चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था क्योंकि मेरा लंड चूत की दीवारों से घिसता हुआ अंदर बाहर हो रहा था। अब उसने भी अपना वो दर्द भुलाकर सिसकियाँ भरते हुए वो मज़ा लेने लगी थी। उस पूरे कमरे में चुदाई की ठप ठप फच फच आवाज़ गूँज रही थी और जब उसके थिरकते हुए कूल्हों से मेरी जांघे टकराती थी तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे कोई तबलची तबले पर थाप दे रहा हो। दोस्तों हम दोनों ही उस काम को करके पसीने पसीने हो गए थे, लेकिन हम दोनों में से कोई भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था और वो मुझे बार बार ललकार रही थी वो मुझसे कहने लगी आह्ह्ह्ह हाँ चोद लो, चोद लो अपनी सुषमा की चूत, आज तुम फाड़ दो इसको और ज़ोर से मेरे राजा वाह मज़ा आ गया हाँ और ज़ोर से वाह तुमने तो आज मेरी इस चूत को फाड़ ही डाला। अब में भी जोश में आकर उछल उछलकर धक्के लगा रहा था और में अपना पूरा का पूरा लंड बाहर निकालकर झटके से वापस अंदर डालता तो उसके मुहं से चीख निकल जाती। दोस्तों मेरा अब झड़ने का समय आ चुका था किसी भी समय मेरा वीर्य अब बाहर निकलने वाला था और उधर वो भी अपनी मंज़िल के पास आ चुकी थी। अब में उसके बदन को पूरी तरह अपनी बाहों में समेटकर धनाधन धक्के लगाने लगा और वो भी सम्भलकर ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह ऊऊहह करते हुए अपने कूल्हों को आगे, पीछे करके अपनी चूत में मेरा लंड लेने लगी थी। अब हम दोनों की सांसे फूल रही थी और हमारी धड़कने तेज गति से चलने लगी थी और आखिर में मेरा ज्वालामुखी फूट पड़ा और में झड़ते हुए उसकी कमर से चिपककर सुषमा की चूत में ही झड़ गया और अब सुषमा का पानी भी निकलने को था और वो भी चीखते हुई झड़ गयी। उसके बाद भी हम दोनों उसी तरह से एक दूसरे से चिपके हुए पलंग पर लेट गयी और आराम करने लगे ।।

धन्यवाद …

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Angelina Jolie Pitt is an American actress, filmmaker, philanthropist and humanitarian. She has received an Academy Award, two Screen Actors Guild Awards, and three Golden Globe Awards, and has been cited as Hollywood's highest-paid actress. 




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